रामनगर/नैनीताल: रामनगर में 65 वर्षीय सलीम अली की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके दो बेटों नईम और नाज़िम ने ही की थी। जमीन को लेकर चल रहे विवाद के कारण दोनों बेटों ने मिलकर साजिश रची और पिता की हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार सलीम अली रामनगर की एक झोपड़ी में अकेले रहते थे, जबकि उनका परिवार मुरादाबाद के महेशपुर गांव में रहता है। तीन दिन पहले उनका शव झोपड़ी में पाया गया था, जिसके बाद परिवार वालों ने अज्ञात व्यक्ति पर हत्या का शक जताया था।
परिजनों ने यह भी कहा था कि सलीम अली जमीन बेचकर आए थे, इसलिए किसी ने पैसे के लालच में यह वारदात की होगी।
जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए और शक की सुई सीधे बेटों पर जाकर टिक गई। पुलिस ने दोनों भाइयों को मुरादाबाद से हिरासत में लिया। पूछताछ में पहले दोनों पल्ला झाड़ते रहे, लेकिन सबूतों के सामने आने के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि उनके पिता महेशपुर की तीन बीघा जमीन बेचना चाहते थे, जबकि वे दोनों इसके पूरी तरह खिलाफ थे।
उन्हें जानकारी मिली कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने वाली है, जिसके बाद उन्होंने घटना को अंजाम देने की योजना बनाई।
12 नवंबर की रात करीब 9 बजे दोनों भाई बाइक से रामनगर आए। उन्होंने देखा कि उनके पिता झोपड़ी में सो रहे हैं और उसी दौरान डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों तुरंत मुरादाबाद वापस लौट गए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में उपयोग किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने दोनों बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
