हल्द्वानी: रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की संभावना के बीच कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। बनभूलपुरा क्षेत्र में संभावित उपद्रव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को एहतियातन गिरफ्तार किया है। वहीं 121 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126/135 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
फरवरी 2024 की वह घटना आज भी लोगों के जेहन में ताजा है जब बनभूलपुरा में सरकारी भूमि पर बने मदरसे को ध्वस्त करने गई पुलिस-प्रशासन टीम पर भीड़ ने हमला बोल दिया था। उपद्रवियों ने जहां स्टेशन रोड थाने में आग लगा दी थी, वहीं इस हिंसा में सात लोगों की जान भी गई थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनमें से कई अब जमानत पर बाहर हैं।
इन्हीं पहलुओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले से पहले पुलिस ने सुरक्षा रणनीति को और मजबूत कर दिया है। सोमवार को एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा और एसपी सिटी मनोज कत्याल के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस को इनपुट मिले थे कि कुछ लोग भीड़ जुटाने और माहौल बिगाड़ने की फिराक में हैं। ऐसे में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत उन छह लोगों को भी गिरफ्तार किया गया जो पहले बनभूलपुरा कांड में जेल जा चुके हैं और इस समय जमानत पर बाहर हैं।
ड्रोन और सीसीटीवी की हाई-टेक निगरानी
किसी भी स्थिति पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया है।
7 ड्रोन संवेदनशील इलाकों में लगातार उड़ान भरकर स्थिति की लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। 12 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
कैमरों में ज़रा-सी भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर नजदीकी पुलिस टीम को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने साफ कहा कि संभावित उपद्रव को रोकने के लिए हर स्तर पर कड़ी कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया—
“बवाल की आशंका में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें आधा दर्जन वे हैं जो बनभूलपुरा कांड में जमानत पर बाहर थे। 121 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई हुई है। कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आदतन उपद्रवी चिह्नित कर लिए गए हैं, कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।”
