नैनीताल: इस वर्ष की पहली अमावस्या रविवार को मनाई जाएगी यानि आज मनाई जायेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार अमावस्या में दिनस्वार्थ सिद्धि योग और हर्षण योग का मिलन हो रहा है, जो तक़रीबन सौ साल बाद बन रहा जिस कारण इस आमावस्या को और भी दुर्लभ व महत्वपूर्ण मना जा राहा है
आज उस मौनी अमावस्या पर पितृ तर्पण और दान-पुण्य करता है उसके लिए यह अमावस अत्यंत फलदायी रहेगी।
ज्योतिषी के अनुसार इस साल मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग और शिव वास योग का विशेष और दुर्लभ संयोग बन रहा है। आज के दिन सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए। यह अमावस्या पितृ तृप्ति व उनके नाम पर दान, दोष निवारण और आत्मशुद्धि के लिए सर्वोत्तम है। धारणा है कि आज के दिन मौन रहकर पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए जिस से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
वहीं शास्त्रों में बताये गये नियमों के अनुसार आज के दिन प्रातः काल गंगाजल वाले जल से स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
साथ हीं पूजा के दौरान भगवान सूर्य देव को जल में तिल, रोली और लाल फूल डालकर अर्घ्य देना चाहिए। तत्पश्चात भगवान शिव और विष्णु की पूजा कर अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को कंबल, वस्त्र, अन्न, फल और मिठाई का भी दान करना चाहिए।
मौनी अमावस्या के दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया तर्पण पूर्वजों को प्रसन्न करता है और परिवार में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। और जो भी पवित्र नदियों में जाने में आसमर्थ है वे गंगाजल युक्त जल से हीं स्नान करें।
