देहरादून: देहरादून में दिनदहाड़े बीच बाजार युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ में घटना को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, नगर कोतवाली क्षेत्र के दूल्हा बाजार के पास एक गली में 2 फरवरी की सुबह एक युवक ने युवती पर धारदार हथियार से हमला किया था। हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे तुरंत दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका की पहचान गुंजन पुत्री मनीष श्रीवास्तव निवासी गोविंदगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि गुंजन दूल्हा बाजार की एक दुकान में काम करती थी। घटना के दिन भी वह रोज की तरह काम पर पहुंची थी। दुकान जाने से पहले उसने अपनी स्कूटी गली में अपने जीजा के घर के पास खड़ी की थी और पैदल दुकान की ओर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी आकाश पुत्र कोमल राम ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं और कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह भी दूल्हा बाजार में ही एक दुकान पर काम करता था और पिछले तीन साल से गुंजन को जानता था। वह कभी-कभी उसके घर भी जाया करता था, जिसकी जानकारी गुंजन के परिजनों को लग गई थी। इस पर परिजनों ने आपत्ति जताई थी।
पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था और कुछ समय पहले चौकी खुड़बुड़ा में यह लिखित समझौता हुआ था कि दोनों एक-दूसरे से कोई संपर्क नहीं रखेंगे। इसके बावजूद आरोपी गुंजन को परेशान कर रहा था। दो दिन पहले ही गुंजन ने इस संबंध में पुलिस चौकी में प्रार्थना पत्र भी दिया था, जिसके बाद से आरोपी मोबाइल बंद कर फरार चल रहा था।
पुलिस का कहना है कि घरेलू विवाद, युवती से बातचीत बंद होने और पुलिस में शिकायत के कारण आरोपी गुस्से में था। इसी आवेश में उसने दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की उम्र 27 वर्ष बताई जा रही है।
इधर, उत्तराखंड महिला आयोग ने इस घटना का संज्ञान लिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। आयोग इस पूरे मामले की निगरानी करेगा ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। साथ ही पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
