नैनीताल: साल का पहला सूर्यग्रहण आज लगने वाला है जो की खगोलिय दृष्टि से बेहद हीं खास है।। इस दौरान भारत के सौर मिशन आदित्य एल-1 की नजर सूर्य पर रहेगी, वहीं पूरी दुनिया की निगाहें इस मिशन से मिलने वाले डाटा पर टिकी होंगी। दोपहर 3:26 बजे शुरू होने वाला यह रिंग ऑफ फायर ग्रहण पृथ्वी पर केवल अंटार्कटिका के बर्फीले क्षेत्र से पूर्ण वलयाकार रूप में दिखाई देगा।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के पूर्व निदेशक और सौर वैज्ञानिक डॉ. वहाबउद्दीन के अनुसार आग के छल्ले जैसा दिखाई देने वाला यह ग्रहण अत्यंत दुर्लभ और आकर्षक खगोलीय घटना है। अंटार्कटिका में स्थित कॉनकॉर्डिया और मिर्नी अनुसंधान केंद्रों के आसपास इसका सबसे स्पष्ट दृश्य मिलेगा।
इसके अलावा दक्षिणी अफ्रीका के कई हिस्सों दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे में यह आंशिक रूप में नजर आएगा। दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में भी लोग आंशिक सूर्य ग्रहण देख सकेंगे। चूंकि यह भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। आप अपने दैनिक कार्य और पूजा-पाठ सामान्य रूप से कर सकते हैं।
वैज्ञानिकों के लिए यह ग्रहण खास इसलिए भी है क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का सौर मिशन आदित्य एल-1 इस दौरान सूर्य की गतिविधियों का अध्ययन कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाएगा, जिससे भविष्य में सौर तूफानों और अंतरिक्ष मौसम को समझने में मदद मिलेगी।
