शहीद विकास कुमार
शहीद विकास कुमार
देहरादून: सिक्किम में हुए हिमस्खलन (एवलॉन्च) की घटना ने उत्तराखंड को गहरे शोक में डाल दिया है। इस हादसे में भारतीय सेना के लांस नायक विकास कुमार का निधन हो गया, जो पिथौरागढ़ जिले के सुगौली क्षेत्र के गणकोट गांव के रहने वाले थे। वह 19 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे और देश की सेवा में तैनाती के दौरान इस दुखद हादसे का शिकार हो गए।
बताया जा रहा है कि 29 मार्च को सिक्किम में गश्त के दौरान अचानक हिमस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में आकर लांस नायक विकास कुमार ने अपनी जान गंवा दी। इस खबर के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और गांव के लोग गहरे सदमे में हैं।
विकास कुमार अपने पीछे पत्नी प्रीति और मात्र 8 महीने की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार में उनके माता-पिता गणेश राम और मंजू देवी के अलावा बड़ा भाई भी हैं। बेटे के निधन की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, शहीद जवान का पार्थिव शरीर पहले विमान से दिल्ली लाया जाएगा, जिसके बाद सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव पिथौरागढ़ पहुंचाया जाएगा। इस बीच गणकोट सुगौली के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आशीष भटगांई से मुलाकात कर मांग की है कि पार्थिव शरीर को सीधे पिथौरागढ़ तक विमान से लाया जाए, ताकि अंतिम दर्शन के लिए अधिक से अधिक लोग पहुंच सकें।
जवान के निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण, रिश्तेदार और स्थानीय लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। हर किसी की आंखें नम हैं और सभी इस अपूरणीय क्षति पर दुख व्यक्त कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लांस नायक विकास कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश के लिए दिया गया यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
