नैनीताल: शराब की दुकानों को लेकर चल रहा विवाद अब थमता नजर आ रहा है। क्षेत्र के मंगोली, बजून और रातीघाट में प्रस्तावित शराब की दुकानें अब नहीं खोली जाएंगी। यह फैसला स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद लिया गया है।
बताया जा रहा है कि विधायक सरिता आर्य और सांसद अजय भट्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने मांग की थी कि इन संवेदनशील क्षेत्रों से शराब की दुकानों को हटाया जाए।
विधायक सरिता आर्य के अनुसार, क्षेत्र भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उनसे शिकायत की थी कि इन स्थानों पर शराब की दुकानें खुलने से सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। खासकर इन इलाकों में मंदिर और स्कूल नजदीक होने के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। मगर अब भी आंदोलन जारी है, आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक हमें लिखित में अश्वासन नहीं दिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा
विश्वविख्यात कैंची धाम मंदिर के आसपास इस तरह की दुकानों के खुलने की संभावना को लेकर भी लोगों में असंतोष था। उनका मानना था कि इससे धार्मिक माहौल प्रभावित हो सकता है और आने वाले श्रद्धालुओं पर भी गलत असर पड़ता।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मंगोली, बजून और रातीघाट में शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। हालांकि, इन दुकानों को अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों में राहत की भावना है और उन्होंने जनप्रतिनिधियों के इस प्रयास की सराहना की है।
