हल्द्वानी में इन दिनों स्कूलों में दाखिले को लेकर स्थिति साफ नहीं है। कक्षा एक में बच्चों की उम्र को लेकर शिक्षा विभाग के अलग अलग नियम आने से निजी स्कूल और अभिभावक दोनों असमंजस में है। नया सत्र शुरू होते ही अधिकतर स्कूलों ने एडमिशन कर लिए थे। उस समय विभाग की तरफ से कहा गया था कि जो बच्चे 30 जून तक 6 साल के हो जायेंगे, उन्हें कक्षा एक में प्रवेश दिया जा सकता है। जिसके आधार पर स्कूलों ने बच्चों का दाखिला कर लिया था।
लेकिन अब विभाग की तरफ से साफ किया गया है कि कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र एक अप्रैल तक 6 साल होनी चाहिए। इस बदलाव के बाद स्कूलों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है। जो बच्चे पहले नियम के आधार कर दाखिला के चुके है, अब उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए है।
हल्द्वानी क्षेत्र के करीब 300 से अधिक निजी स्कूलों में हजारों बच्चे इससे प्रभावित हो सकते है। स्कूल संचालकों कहना है कि उन्होंने विभाग के पहले आदेश के अनुसार ही प्रवेश दिया था, अब अचानक नियम बदलने से परेशानी बढ़ गई है।
आरटीआई के तहत भी प्रवेश इसी आधार पर किए गए थे। मार्च से अप्रैल के बीच आवेदन और सीटे तय हुई थी, जिसमें 30 जून वाली तारीख को ही माना गया था। अब नए नियम से वहां भी समस्या आने की आशंका है।
निजी स्कूलों का कहना है कि सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग अलग नियम नहीं होने चाहिए। एक ही नियम ओर प्रदेश में लागू होना चाहिए। एक ही नियम पूरे प्रदेश में लागू होना चाहिए ताकि हर साल ऐसी स्थिति न बने। विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा एक में प्रवेश के लिए 6 साल की उम्र जरूरी है और इसके लिए एक अप्रैल की तारीख तय है। सरकारी स्कूलों में कुछ बच्चों में को दिक्कत होने पर 30 जून तक की छूट दी गई थी, लेकिन निजी स्कूलों के लिए एक अप्रैल ही मान्य रहेगी।
