नैनीताल : नैनीताल स्थित लोक भवन में प्रवास के दौरान सोमवार को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने मां नयना देवी मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। सुबह राज्यपाल के मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति और ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने उनका पारंपरिक रूप से स्वागत किया।
मां नयना देवी मंदिर पहुंचने पर मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह सहित अन्य पदाधिकारियों ने राज्यपाल को मंदिर का स्मृति चिह्न और चुनरी भेंट कर स्वागत किया। मंदिर के मुख्य पुजारियों की मौजूदगी में राज्यपाल ने मां नयना देवी के दर्शन किए और विशेष पूजा में हिस्सा लिया। पूजा-अर्चना के दौरान राज्यपाल ने प्रदेशवासियों की खुशहाली, शांति और उन्नति की कामना की।
मंदिर में दर्शन करने के बाद राज्यपाल सीधे गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा पहुंचे। यहां उन्होंने मत्था टेककर अरदास की और गुरुद्वारे की परिक्रमा करते हुए धार्मिक पाठ में भी भाग लिया। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें तलवार और स्मृति चिह्न भेंट किया।
इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर और गुरुद्वारे में आने पर उन्हें एक अलग तरह की आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जब भी वे इन पवित्र स्थलों पर आते हैं, उन्हें भीतर से नई शक्ति और प्रेरणा मिलती है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत आज एक नए मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और देश ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में रचनात्मकता, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता दिखाई दे रही है, जो आने वाले भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व शांति और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। भारत ने दुनिया को शांति, संस्कार और सहअस्तित्व का संदेश दिया है और आने वाली पीढ़ी भी इन मूल्यों को आगे बढ़ाएगी।
धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद राज्यपाल अपने सीमित काफिले के साथ वापस लोक भवन के लिए रवाना हो गए।
