लखनऊ: अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। तीसरी मंजिल पर संचालित गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर कार्यालय में लगी आग ने देखते ही देखते पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला तो कुछ लोग जान बचाने के लिए इमारत से लटक रहे तारों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश करने लगे। कई लोग घबराकर ऊंचाई से कूद गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले तीसरी मंजिल पर लगी, जहां एक निजी संस्थान का कार्यालय संचालित हो रहा था। उस समय भवन में 30 से अधिक लोग मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई लोग अंदर फंस गए। राहत और बचाव कार्य शुरू होने तक हालात बेहद भयावह बने रहे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। घायलों के इलाज के लिए सिविल अस्पताल की मेडिकल टीम और एंबुलेंस को तत्काल भेजा गया। अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था भी सक्रिय कर दी गई।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमीय अग्रवाल ने 15 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं प्रशासन अभी भी इमारत के भीतर फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ रवाना हो गए। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।
फिलहाल दमकल विभाग की कई टीमें आग पर पूरी तरह काबू पाने और इमारत की तलाशी लेने में जुटी हैं। वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी भवन की वैधता, सुरक्षा मानकों और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि भवन में संचालित गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।

