हल्द्वानी: एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव मंगलवार को भव्य समारोह के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। वहीं, महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल और आयुक्त दीपक रावत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। महोत्सव के समापन अवसर पर लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
समारोह को संबोधित करते हुए आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि कुमाऊं द्वार महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, पहचान और परंपराओं से जुड़ने का अवसर है। इस तरह के आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने कहा कि हर साल महोत्सव के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है। प्रतिभागियों और दर्शकों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि लोगों का अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से गहरा जुड़ाव है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलती है।
महोत्सव के अंतिम दिन महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। आयुक्त दीपक रावत ने स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली।
स्टॉलों पर स्थानीय जैविक उत्पाद, पहाड़ी हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और महिलाओं के हाथों से तैयार की गई वस्तुएं प्रदर्शित की गई थीं। इन उत्पादों के जरिए स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक हुनर को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
दीपक रावत ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के ये प्रयास महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
समापन समारोह के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने महोत्सव में भाग लेने वाले कलाकारों को सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने लोकप्रिय कुमाऊंनी गीत ‘हिट दगड़ी कमला, अलमौड़ में तेरो बंगला’ की प्रस्तुति दी। उनकी इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में खास रंग भर दिया और दर्शकों का मन मोह लिया।
पांच दिनों तक चले इस महोत्सव में लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत को सामने लाया गया। मंगलवार को समारोह के साथ महोत्सव का समापन हुआ।



