
हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित किशनपुर घुड़दौड़ा के पास बुधवार रात हुए हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। अनियंत्रित एसयूवी ने न केवल स्कूटी सवार सागर नेगी को टक्कर मारी, बल्कि पुराने मजबूत पेड़ को भी उखाड़ दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार की स्टेपनी और पहिया अलग हो गए। स्टेपनी पेड़ पर लटक गई, जबकि पहिया खेत में जा गिरा। हादसे की बड़ी वजह इलाके में स्ट्रीट लाइट का न होना भी मानी जा रही है, जिससे सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं आर्किटेक्ट सागर नेगी स्कूटी की डिकी में अपने नक्शे और डिजाइनों की कॉपी रखकर निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि रामपुर रोड पर उनकी जिंदगी का अंत हो जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सागर ने जैसे ही सड़क पार करने की कोशिश की, 100-120 की रफ्तार से आ रही एसयूवी ने उन्हें टक्कर मार दी। सागर वाहन में फंस गए, जिससे चालक का नियंत्रण खत्म हो गया। तेज रफ्तार एसयूवी लहराते हुए आगे बढ़ी, जिससे आसपास खड़े लोग जान बचाने के लिए खेतों में कूद गए।
तीन सेकेंड में ही गाड़ी ने 150 मीटर की दूरी तय की। इस दौरान एसयूवी में फंसी सागर की स्कूटी और वह खुद दूर जा गिरे। गाड़ी ने उड़ते हुए एक पेड़ को टक्कर मारी और पलट गई। गाड़ी का बंपर 20 मीटर दूर जा गिरा, स्टेपनी पेड़ पर लटक गई, और एक पहिया खेत में जाकर गिरा। सागर की स्कूटी इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कि उसकी पहचान केवल नंबर प्लेट से हो सकी। इस हादसे ने सागर की एक साल की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया।
जांच में सामने आया कि गाड़ी का चालक महज 17 साल का नाबालिग था। वह आरटीओ रोड स्थित मंगल विहार में अस्थायी रूप से रह रहा है और महाराष्ट्र के नागपुर जिले के यशोधरा थाना क्षेत्र का निवासी है। यह एसयूवी पूर्वी दिल्ली के शकूरपुर सुंदर बी ब्लॉक की एक महिला के नाम पर रजिस्टर्ड है। 2017 में रजिस्टर्ड इस गाड़ी पर पहले भी 34,700 रुपये का चालान कट चुका है, जो बाद में जमा कर दिया गया था। नाबालिग चालक के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही गाड़ी के कोई दस्तावेज।
