रानीखेत: उत्तराखंड में शराब की दुकानों के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। रानीखेत के पास सौनी डांठ में चल रहे क्रमिक अनशन के तहत मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। अनशनकारियों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर इलाके में शराब की दुकानें नहीं खुलने देंगे।
बिनसर धाम के निकट सौनी, देवलीखेत और ताड़ीखेत ब्लॉक के जालीखान में शराब की दुकानें खोलने के विरोध में सौनी डांठ पर चल रहा क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को छठे दिन अनशन स्थल पर मौजूद लोगों ने 51 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा शराब दुकानें निरस्त करने की सूचना मिली है, लेकिन जब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, अनशन जारी रहेगा।
अनशन स्थल पर पहुंचे युवा व्यापारी उमेश मासीवाल ने कहा कि बिनसर महादेव एक दिव्य स्थल है और इसकी पवित्रता को कोई भंग नहीं कर सकता। ग्राम प्रधान सौनी अमित उपाध्याय ने भी शराब की दुकानों का विरोध करते हुए कहा कि इससे गांव बर्बादी की राह पर चला जाएगा। जैनोली से आए समाजसेवी नवीन प्रकाश ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध शराब के कारोबार को बंद करने में असफल प्रशासन अब नई शराब दुकानें खोलने की कोशिश कर रहा है।
समर्थन में पहुंचे नीरज सिंह फर्त्याल ने सरकार को जगाने के लिए पूरे दिन भजन-कीर्तन किया। वहीं, दीपक करगेती ने बताया कि जालीखान में एक बार फिर शराब दुकान के टेंडर निकाले जा रहे हैं। इसी तरह दौलाघट और जौरासी में भी टेंडर निकाले गए, लेकिन जनता इन्हें सफल नहीं होने देगी।
युवा सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार आर्या ने कहा कि संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने सौनी, देवलीखेत और जालीखान की शराब दुकानों को निरस्त करने का आदेश दिया है। यह क्षेत्रीय जनता की एकता और संकल्प की जीत होगी। हालांकि, जब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
अनशन स्थल पर हिमांशु आर्या, नरेंद्र बिष्ट, कैलाश अस्वाल, विपिन उपाध्याय और खेम चंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
उत्तराखंड में नई शराब दुकानों का लगातार विरोध हो रहा है। इससे पहले उत्तरकाशी के हर्षिल गांव में शराब की दुकान खोलने के विरोध में ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। वहीं, पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र में भी शराब की दुकान के टेंडर का भारी विरोध हुआ था।
