देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है। ऐसे में जिन पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में भारी बारिश की संभावना अधिक रहती है, उन्हें त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में मतदान के लिए शामिल किया गया है। निर्वाचन आयोग ने मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि 12 जिलों के 49 विकासखंड ऐसे हैं जहां हर साल भारी बारिश होती है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग से मतदान दिनों का पूर्वानुमान मांगा गया है और आपदा प्रबंधन विभाग से संयुक्त बैठक बुलाई गई है।
मतदान सुरक्षित बनाने के विशेष निर्देश
सचिव आपदा प्रबंधन को पोलिंग पार्टियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश। आवश्यकता पड़ने पर हेलिकॉप्टर की मदद ली जाएगी। सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन की आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश। 23 जून को वर्चुअल बैठक होगी जिसमें सभी जिलों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
हर ब्लॉक में रहेगी मेडिकल सुविधा
हर ब्लॉक स्तर पर डॉक्टर, दवाएं और एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। सभी पोलिंग पार्टियों को फर्स्ट एड किट दी जाएगी। रास्तों की स्थिति, पोलिंग बूथों की सुरक्षा और आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जा रही है।यदि मतदान ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो परिजनों को ₹10 लाख की सहायता दी जाएगी। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

