नैनीताल: उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की मतगणना के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का आज विशेष समिति ने अवलोकन किया। यह कार्रवाई गुरुवार को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में की गई। करीब तीन घंटे तक चली इस प्रक्रिया के दौरान समिति के सदस्य व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे और कहा कि वे अदालत में अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।
न्यायालय की ओर से गठित समिति कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ ट्रेजरी के डबल लॉक से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रूप से निकाला गया। इसके बाद जिलाधिकारी के सभागार में फुटेज देखा गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। एसपी डॉ. जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वीडियो देखने की प्रक्रिया के दौरान समिति के सदस्य, जिला प्रशासन, दोनों पक्षों के अधिवक्ता और निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि ही मौजूद रहे। मीडिया और अन्य लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
समिति में सरकारी पक्ष से ए.ए.जी. जी.एस. विर्क, अधिवक्ता अवनेंद्र प्रताप सिंह और अधिवक्ता राजीव बिष्ट शामिल रहे, जबकि विपक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत, अधिवक्ता देवेंद्र पाटनी और अधिवक्ता त्रिभुवन फर्त्याल मौजूद थे। इसके अलावा नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, पराजित प्रत्याशी पुष्पा नेगी और निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय भट्ट भी उपस्थित रहे। सभी ने जिलाधिकारी की मौजूदगी में मतदान और मतगणना प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग को विस्तार से देखा।
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल ने बताया कि उन्होंने न्यायालय के आदेश पर पूरी सीसीटीवी और वीडियो फुटेज देखी। वे इससे पूरी तरह संतुष्ट हैं और अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगी। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने कहा कि न्यायालय के निर्देश पर मतगणना स्थल की फुटेज देखने गए थे।
जिलाधिकारी द्वारा की गई व्यवस्थाओं के तहत उन्हें मतदान, मतपत्रों की अलग-अलग छंटाई और वोटों की गिनती की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई। उन्होंने कहा कि अब इस संबंध में अपना पक्ष अदालत में प्रस्तुत करेंगे।
