नैनीताल: हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा, अपहरण और गोलीकांड के मामलों में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत अध्यक्ष और बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आने पर पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं।
एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर बताया कि इन घटनाओं से पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है। विभाग ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए तीन को निलंबित कर दिया है। वहीं, अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
निलंबित पुलिसकर्मी –
एएसआई उदय सिंह राणा
एएसआई अमित चौहान
बेतालघाट एसओ अनीश अहमद
स्थानांतरण –
सीओ प्रमोद साह – आईआरबी देहरादून
तल्लीताल एसओ रमेश सिंह बोहरा – अल्मोड़ा
लाइन हाजिर –
एक कांस्टेबल
एक महिला कांस्टेबल
एक अग्निशमन कर्मी
साथ ही, पीएसी कर्मियों पर भी कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है।
तल्लीताल और बेतालघाट थानों में अब तक 6 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपियों की पहचान के लिए विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो का विश्लेषण किया जा रहा है। एसपी जगदीश चंद्रा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसएसपी ने कहा कि रेनकोट गैंग सहित किसी भी गिरोह या राजनीतिक समूह की संलिप्तता सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
चुनावी हिंसा और पुलिस पर हुई कार्रवाई ने उत्तराखंड की प्रशासनिक हलचल को तेज कर दिया है। अब सबकी नजर निष्पक्ष जांच की रिपोर्ट पर टिकी है कि किन-किन की संलिप्तता उजागर होगी।
