नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नन्दा देवी महोत्सव के दौरान पशु बलि की परंपरा को लेकर अहम आदेश दिए हैं। अदालत ने नगर पालिका को निर्देशित किया है कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए महोत्सव के समय एक अस्थायी स्थल को स्लाटर हाउस के रूप में चिन्हित किया जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलि की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत होनी चाहिए और मौके पर फूड इंस्पेक्टर की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी।
यह मामला तब उठा जब पवन जाटव समेत कुछ स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। उनका कहना था कि नन्दा देवी महोत्सव में वर्षों से पशु बलि की परंपरा रही है, लेकिन बीते समय में मंदिर परिसर में बकरों के प्रवेश और वध पर रोक लगने से श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि परंपरा को जीवित रखने के लिए मंदिर से बाहर कोई अस्थायी स्थल निर्धारित किया जाए। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने उनकी दलीलों को उचित मानते हुए आदेश जारी किए और नगर पालिका को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
