नैनीताल। श्री राम सेवक सभा द्वारा आयोजित 123वां श्री नंदा देवी महोत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ शुरू हो गया है। सोमवार को ग्राम चोपड़ा स्थित चंदन सिंह जीना के आवास से कदली का वृक्ष विधि-विधान से पूजन कर महोत्सव स्थल के लिए लाया गया। पूजन कार्यक्रम पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न कराया।
इस अवसर पर यशपाल रावत द्वारा भेंट किए गए 21 पौधे जिनमें हरड़, अमरूद, तेजपत्ता और चूरा शामिल थे सांस्कृतिक परंपरा के तहत लगाए गए। सुखताल पहुंचने पर आदर्श रामलीला कमेटी और मातृ शक्ति ने कदली का भव्य स्वागत किया। वैष्णव देवी मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने कदली को कंधे पर उठाकर आशीर्वाद लेने की परंपरा निभाई।
कार्यक्रम में आरएसएसवी निशांत, ऐशडेल, सेंट जॉन, सरस्वती शिशु मंदिर, जीजीआईसी, रामा मांटेसरी, मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर, सीआरएसटी इंटर कॉलेज, भारतीय शहीद सैनिक स्कूल और नैनी पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कुमाऊनी परिधान—घाघरा, पिछौर और पारंपरिक टोपी में सजे बच्चे जुलूस के रूप में तल्लीताल बाजार, मिलता बाजार और सभा भवन होते हुए मां नयना देवी मंदिर पहुंचे, जहां आचार्य जोशी ने कदली पूजन कराया।
लोक कलाकार चंद्र प्रकाश साह ने मंदिर परिसर में मूर्ति निर्माण का कार्य शुरू किया। वहीं, व्यापार मंडल व वैष्णव देवी मंदिर समिति ने भोजन की व्यवस्था की। मंगलवार को सभा भवन में लोकगीत और क्विज प्रतियोगिता आयोजित होगी।
कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्य, गिरीश जोशी, मनोज साह, जगदीश बावड़ी, बिमल चौधरी, राजेंद्र बिष्ट, विमल साह, देवेंद्र लाल साह, रमेश जोशी, दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा, हरीश राणा, मुकुल जोशी, नवीन पांडे, ज्योति कांडपाल, एडवोकेट मनोज साह, दिनेश भट्ट, भीम सिंह कार्की, कैलाश जोशी, प्रो. ललित तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
