रुड़की: हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र से बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक फर्जी क्लीनिक पर डिलीवरी के दौरान जच्चा और बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस बीच क्लीनिक की संचालिका और नर्स मौके से फरार हो गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, भगवानपुर के रायपुर गांव में किराए की 10×15 फीट की दुकान में अवैध तरीके से क्लीनिक चलाया जा रहा था। यहां न तो किसी डॉक्टर का नाम लिखा था और न ही कोई बोर्ड लगा था। बस काले शीशे के पीछे इलाज और डिलीवरी करवाई जा रही थी। इसी दौरान डिलीवरी के समय 26 वर्षीय किरन और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई।
मृतका के पति पंकज, जो धौलाघाट (अल्मोड़ा) का रहने वाला है और रायपुर में काम करता है, ने बताया कि पत्नी को दर्द होने पर वह उसे क्लीनिक लेकर आया था। वहां मौजूद नर्स ने कहा कि डिलीवरी करानी होगी और तुरंत प्रक्रिया शुरू कर दी। लेकिन लापरवाही के चलते पत्नी और बच्चे की जान चली गई।
घटना की खबर सुनते ही मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया तो आरोपी महिला संचालिका और नर्स फरार हो गईं।
भगवानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्य भूषण नेगी ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवानपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टर और फर्जी क्लीनिक चल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
