रुद्रप्रयाग: राज्य की सरकारी राशन वितरण प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि सरकारी दुकानों पर मिलने वाले नमक में रेत और धूल के कण मिले हुए हैं। इस संबंध में कुछ वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।
सरकारी ब्रांडिंग वाले इस नमक के पैकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री रेखा आर्य की तस्वीरें छपी हैं। ऐसे में मिलावट की शिकायतों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि नमक की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसका इस्तेमाल खाना बनाने में भी संभव नहीं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत गरीबों को मात्र 8 रुपये प्रति किलो आयोडीन युक्त नमक उपलब्ध कराया जा रहा है। एनसीसीएफ संस्था इसके सप्लायर हैं। विभाग का दावा है कि अब तक सभी नमक के सैंपल मानकों पर खरे उतरे हैं।
खाद्य आयुक्त चंद्रेश कुमार ने बताया कि नमक की गुणवत्ता की पुष्टि रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर और अन्य मान्यता प्राप्त लैब्स से की गई है। विभाग जल्द ही सप्लायर के कारखाने का भी निरीक्षण करेगा और आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी।
मसूरी और रुद्रप्रयाग में छापेमारी
इस बीच मसूरी में एसडीएम कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राशन दुकानों पर छापेमारी की गई। नमक के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। एसडीएम ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में भी प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। दुकानों से नमक के पैकेट जब्त कर उन्हें प्रयोगशाला में भेजा गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधितों पर सख्त कार्रवाई होगी।
