नैनीताल : नैनीताल में अंकिता भंडारी हत्याकांड की तीसरी बरसी पर मंगलवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। रामलीला स्टेज मल्लीताल से जुलूस शुरू होकर तल्लीताल डांठ तक पहुंचा। कार्यक्रम की शुरुआत जनगीत औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जाएगा से हुई, जिसे सतीश धौलाखंडी और त्रिलोचन भट्ट ने गाया। शुरुआती संबोधन राजीव लोचन साह ने दिया, जिसके बाद जुलूस गांधी मूर्ति तक पहुंचा। पूरे रास्ते लोग जनगीत गाते और नारे लगाते रहे।
गांधी मूर्ति पर सभा का आयोजन हुआ, जिसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और आम जनता ने मिलकर महिला हिंसा, प्रशासनिक लापरवाही और सत्ता की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाई। सभा का संचालन शीला रजवार ने किया। इस दौरान सतीश धौलाखंडी और पी.सी. तिवारी ने जनगीत अब तो होश में आ जाओ, ओ शब्दों के बाजीगर गाकर समाज और प्रशासन को चेताया।
सभा में वक्ताओं ने अंकिता और अन्य पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय की मांग की। मुकेश सेमवाल ने अंकिता के परिवार की दयनीय स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि मां अस्पताल में भर्ती हैं और पिता कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि अंकिता अपने छोटे जर्जर घर को बनाने के सपने देख रही थी, लेकिन उसकी हत्या ने सब तोड़ दिया।
कमला पंत ने कहा कि अंकिता को न्याय की आंशिक जीत जनता की एकजुटता से मिली, लेकिन यह लड़ाई सभी महिलाओं के लिए जारी रहनी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन को याद करते हुए कहा कि आज भी उसी भावना की जरूरत है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा ने प्रशासन और सरकार पर सबूत नष्ट करने और अपराधियों को बचाने के आरोप लगाए।
समाजसेवी संध्या शर्मा ने कहा कि न्याय से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अपराधियों को संरक्षण देने की बजाय उन्हें कानून के कठघरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि पीड़ित बच्चियों और उनके परिवारों को इंसाफ मिल सके।
भाकपा माले के के.के. बोरा ने महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्तात्मक व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष तेज करने की अपील की। धीरज ने मुख्यमंत्री धामी पर सवाल उठाए कि तीन साल बाद भी अंकिता को न्याय क्यों नहीं मिला। पी.सी. तिवारी ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या है, जिसे राजनीतिक बदलाव के बिना नहीं सुधारा जा सकता।
हाईकोर्ट के वकील नवनीश नेगी ने सरकार पर केस दबाने का आरोप लगाया और कहा कि अपराधियों को “मंत्री के बच्चों” की तरह नहीं, बल्कि अपराधी की तरह देखा जाना चाहिए। तरुण जोशी और पूजा देवी ने भी सभी पीड़ित बच्चियों के लिए कठोर सजा की मांग की।
सभा के अंत में वक्ताओं ने कशिश, प्रीति और किरण नेगी सहित सभी पीड़िताओं के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम “नफस नफस, कदम कदम” के नारों के साथ समाप्त हुआ।


