हल्द्वानी: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के अचानक किए गए औचक निरीक्षण ने हल्द्वानी तहसील की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी। कमिश्नर शिकायतों की पुष्टि करने के लिए तहसीलदार के साथ उत्तर उजाला क्षेत्र स्थित कानूनगो अशरफ अली के घर पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान फाइलों और रजिस्टरों का बड़ा जखीरा देखकर प्रशासनिक लापरवाही का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि कानूनगो दफ्तर में काम करने के बजाय घर पर ही सरकारी फाइलें रखते थे और मौके पर जाकर निरीक्षण करने की जगह घर बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर देते थे। यही नहीं, फाइलों को जानबूझकर लंबित करने और कार्यों में अनावश्यक देरी करने के आरोप भी उन पर लगे हैं।
कमिश्नर की इस छापेमारी जैसी कार्रवाई से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अचानक हुई जांच से कई अधिकारी सकते में आ गए। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया कि कानूनगो अशरफ अली पहले भी विवादों में घिर चुके हैं।
इस पूरी घटना ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता की शिकायतें सही साबित होने के बाद अब कार्रवाई की मांग और तेज हो गई है।
