गुलदार का खौफ
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज में लकड़ी बीनने गई वृद्धा को मौत के घाट उतारने वाले बाघ की तलाश तेज कर दी गई है। बाघ को पकड़ने की अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने उसे ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास पशु चिकित्सकों की टीम डेरा डाले हुए है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सांवल्दे पश्चिमी गांव निवासी सुखिया देवी (65) पत्नी चंदन सिंह जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने ढेला-रामनगर मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
वन विभाग ने घटनास्थल पर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। पिंजरे के पास मृतका के कपड़े रखे गए हैं। वन अधिकारियों के अनुसार बाघ अपने शिकार की गंध को पहचानता है और उसी गंध की ओर दोबारा लौट सकता है। इसी आधार पर रणनीति बनाई गई है।
घटनास्थल के आसपास पशु चिकित्सक डॉ. राहुल सती लगातार मौजूद हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) रंजन कुमार मिश्रा से बाघ को पकड़ने की अनुमति मिल चुकी है। संभावित इलाकों में कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं और ड्रोन की मदद से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक कोई भी व्यक्ति आरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश न करे।
