उत्तराखंड: कुमाऊं कमिशनर के बागेश्वर जिले के दौरे के दौरान का एक वीडियो आजकल बड़ा हीं वायरल हो रहा है। वीडियो में एक 80 साल के बुजुर्ग कमिशनर से उन्हें आयुष्मान कार्ड योजना के तहत लाभ ना मिलने की शिकायत करते दिखाई दे रहे है। लेकिन इस वीडियो की एक खास बात यह है कि यह 80 वर्ष के बुजुर्ग ने अपनी शिकायत कमिशनर को इस तरह की फर्राटेदार इंग्लिश में बताई की वहाँ पर मौजूद सभी आला अधिकारी उन्हें देख कर दंग रह गये। बुजुर्ग व्यक्ति की इस तरह की इंग्लिश सुन कर पल दो पल के लिए कमिशनर भी चौक गये, और अब यही वीडियो सोशल मिडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग तरह तरह के कमेंट इस वीडियो पर दे रहे है।
जानकारी के अनुसार कुमाऊं कमिशनर दीपक रावत दो दिन के दौरे पर बागेश्वर गये थे और उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जिस दौरान उन्हें एक बुजुर्ग व्यक्ति मिले और बुजुर्ग ने अपनी आपबीती सुनते हुए बताया-
देखे वीडियो:-
कि वे अपनी पत्नी का इलाज कराने हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में पहुंचे थे। तब उनकी पत्नी को पथरी थी और वे तेज़ दर्द कर्रह रही थी उनकी हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी। लेकिन अस्पताल ने उनका आयुष्मान कार्ड में इलाज करने से मना कर दिया था। वे अपनी पत्नी को लेकर करीब तीन अस्पतालों में गये लेकिन किसी ने भी उनका आयुष्मान कार्ड नहीं चलाया। सभी अस्पतालों ने साफ मना कर दिया था। और कहा कि उन्हे नगद भुगतान करना होगा।
अपनी पत्नी को दर्द से पड़पते हुए ना देखा गया तो बुजुर्ग ने अंत में उनका सारा इलाज खुद के ख़र्चे पर कराया था। और बाद में उन्हे इलाज भुगतान वापस नहीं मिला। इसके बाद वे बागेश्वर वापस लौट आये । बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि वे इस मामले में कई बार जिला प्रसाशन के चक्कर काट चुके है और ना जाने कितने बार मुख्यमंत्री कार्यालय में फोन किये, लेकिन कही से भी कोई समाधान ना मिला।।
बुजुर्ग ने यह भी बताया कि किस तरह से अटल आयुष्मान योजना का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों को नहीं मिल पा रहा है। और आर्थिक स्थिति से कमजोर लोगों इलाज के लिए दर दर की ठोकरे खानी पर रही है।
जब कमिशनर दीपक रावत ने बुजर्ग कि इस तरह की फर्राटे दार इंग्लिश बोलते हुए सुना तो उन्हे बुजुर्ग ने बताया कि वे गोदरेज गुरूप ऑफ कंपनी में प्रोफाशनल इंजिनियर के रूप में काम कर चुके है । बुजुर्ग ने कहा कि जब उन्होंने जीवन भर नौकरी करने के बाद भी जरूरत के समय सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला तो उन्हें बड़ी निराशा हुई।
इस पूरे मामले में कमिशनर ने बुजुर्ग से लिखित में शिकायत मांगी और निजी अस्पताल से भी जवाब माँगा है कि उन्होंने किस कारण से बुजुर्ग की पत्नी का इलाज आयुष्मान योजना में क्यों नहीं किया गया। कमिशनर ने अश्वासन दिया है की उनकी शिकायत पर कार्यवाही की जाएगी।
खैर यह मामला पहला नहीं है जब किसी गरीब व्यक्ति को किसी योजना का लाभ नहीं मिलता है।
