देहरादून: राजधानी देहरादून स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में उस समय अफरातफरी मच गई जब भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ मारपीट और अभद्रता के गंभीर आरोप लगे। घटना के कुछ वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी तूल पकड़ गया है। वीडियो में निदेशक के कक्ष के भीतर तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और कुर्सियां फेंके जाने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक सरकारी स्कूल का नाम बदलने की मांग को लेकर हुई। विधायक अपने समर्थकों के साथ निदेशालय पहुंचे थे और संबंधित विद्यालय का नाम परिवर्तन कराने की बात रखी। इस पर निदेशक ने स्पष्ट कर दिया कि स्कूल का नाम बदलने का निर्णय शासन स्तर पर होता है और यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसी बात पर माहौल गरमा गया।
आरोप है कि इसके बाद विधायक पक्ष की ओर से दबाव बनाने की कोशिश की गई और बहस बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिसर में भारी फोर्स तैनात कर हालात को काबू में किया गया।

घटना से शिक्षा विभाग में भारी रोष है। शिक्षकों का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि का इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए निदेशालय के बाहर धरना दिया और कुछ समय के लिए सड़क जाम भी किया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं विधायक समर्थकों का कहना है कि वे केवल जनभावनाओं के अनुरूप स्कूल का नाम बदलवाने की मांग लेकर गए थे और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप एकतरफा हैं। उधर विपक्ष ने भी इस घटना को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग, प्रशासन और राजनीति के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और आगे क्या कार्रवाई होती है।
