नैनीताल: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार भीमताल में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की विभागवार गहन समीक्षा की। बैठक में जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित तथा बाह्य सहायतित योजनाओं की वित्तीय व भौतिक प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा में पता चला कि कुल 42 मदों में से 22 विभाग A श्रेणी में, 10 B में, 5 C में और 5 D श्रेणी में हैं। जिलाधिकारी ने B, C और D श्रेणी में आने वाले विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे लक्ष्य पूर्ति कर दिसंबर माह तक A श्रेणी में पहुंचें।
20 सूत्री कार्यक्रम के 5 मद D श्रेणी में आने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को सख्त चेतावनी दी।
ग्रामीण कनेक्टिविटी में PMGSY की धीमी प्रगति पर फटकार
ग्रामीण कनेक्टिविटी में D श्रेणी की स्थिति पर नाराज जिलाधिकारी ने PMGSY की धीमी कार्यप्रगति को गंभीर लापरवाही बताते हुए तीनों खंडों के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना ग्रामीण क्षेत्रों की गेम चेंजर योजना है, अत: किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा जाए और अगली बैठक तक सड़क निर्माण में स्पष्ट एवं तेज प्रगति दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा। सभी विकास कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के सिद्धांत पर पूर्ण किए जाएं।
सूची प्रकाशन में C श्रेणी मिलने पर जिलाधिकारी ने विभागों को सभी विकास कार्यों को सूचीबद्ध कर प्रकाशन करने के निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर सूची प्रकाशन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जिला योजना अंतर्गत प्राप्त धनराशि को दिसंबर माह तक पूर्ण खर्च किया जाए। उन्होंने मार्च में अचानक धनराशि खर्च करने की परंपरा समाप्त करने पर जोर दिया।
एससीपी व टीएसपी के अंतर्गत सभी कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के आदेश भी दिए।
लोक निर्माण, सिंचाई, समाज कल्याण, नलकूप, लघु सिंचाई, माध्यमिक शिक्षा, खेल और उरेडा विभाग की धीमी प्रगति पर भी असंतोष जताते हुए जिलाधिकारी ने इसी माह के अंतिम सप्ताह तक शत-प्रतिशत धनराशि व्यय करने के निर्देश दिए।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिला योजना की 7020.50 लाख की धनराशि के मुकाबले अब तक 3871.04 लाख यानी 55% धनराशि व्यय की जा चुकी है।
राज्य योजना में 64%, केंद्र पोषित योजनाओं में 93% तथा बाह्य सहायतित योजनाओं में 100% धनराशि व्यय हो गई है।
बैठक में एपीडी चंदा फर्त्याल, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
