उत्तरकाशी: आगामी चारधाम यात्रा से पहले गंगोत्री मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया है। समिति ने गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। यह रोक गंगोत्री धाम के साथ-साथ मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव में भी लागू रहेगी।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम की धार्मिक पवित्रता और परंपराओं की रक्षा के लिए यह कदम जरूरी है। समिति की बैठक में तय किया गया है कि मंदिर परिसर और गंगा घाट में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा।
समिति अध्यक्ष का कहना है कि गंगोत्री धाम आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में धाम और मुखबा जैसे पवित्र स्थलों की मर्यादा बनाए रखना मंदिर समिति की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं। इससे पहले चैत्र माह के नवरात्र में कपाट खुलने की तिथि तय की जाती है। कपाट खुलते ही करीब छह माह तक धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है और इससे स्थानीय लोगों का रोजगार भी जुड़ा होता है। इस बार यात्रा से पहले समिति ने यह निर्णय लेकर साफ कर दिया है कि परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर बदरी-केदार मंदिर समिति के अधीन आने वाले मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर प्रस्ताव लाने की तैयारी है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पहले ही कह चुके हैं कि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा है कि केदारखंड से लेकर मानसखंड तक के मंदिरों में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है और अब इन परंपराओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
