देहरादून: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सियासी और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में है। प्रदेशभर में सीबीआई जांच की मांग तेज होने के बीच राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए पौड़ी जिले के राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम बदल दिया है। अब यह संस्थान ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
दरअसल, अभिनेत्री उर्मिला सनावर की ओर से अंकिता भंडारी से जुड़े ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरकर सीबीआई जांच और कथित वीआईपी नाम के खुलासे की मांग कर रहे हैं। लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
इसी क्रम में बीते 6 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस वार्ता कर साफ कहा था कि अंकिता के माता-पिता जिस भी जांच की मांग करेंगे, उसके कानूनी पहलुओं को देखते हुए सरकार निर्णय लेगी। इसके अगले ही दिन 7 जनवरी को मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार की मंशा के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सरकार ने सीबीआई जांच की औपचारिक घोषणा तो नहीं की है, लेकिन उससे पहले पौड़ी जिले के राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर करने का फैसला लिया गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की ओर से गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री धामी ने 16 सितंबर 2023 को ही इस नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया है कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है और मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।
