हल्द्वान: हल्द्वानी में स्थायी प्रमाणपत्र सत्यापन अभियान के दौरान प्रशासन ने एक और बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। आजाद नगर, नैनीताल में अंजुमन मोमिन अंसार नाम की संस्था द्वारा वर्षों से अवैध रूप से प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे थे। प्रशासन ने मौके से संस्था के रिकार्ड जब्त कर लिए हैं तथा कथित संचालक रईस अहमद अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इस खुलासे के बाद फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने वालों में खलबली मची है।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत द्वारा 13 नवंबर को बनभूलपुरा में किए गए छापे में फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र रैकेट पकड़ा गया था, जिसके बाद जिले में व्यापक जांच शुरू हुई। उस मामले में फैजान मिकरानी, रईस और सहयोगी दीपक सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी उपजिलाधिकारियों को प्रमाणपत्रों की जांच तेज करने के निर्देश दिए। हल्द्वानी तहसील द्वारा 200 प्रमाणपत्रों की जांच में 48 प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं।
शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट जीएस चौहान, एसडीएम राहुल साह और तहसीलदार कुलदीप पांडे ने आजाद नगर स्थित सोसाइटी के पते का भौतिक सत्यापन किया। मौके पर संस्था का कोई अस्तित्व नहीं मिला। जांच में पता चला कि रईस अहमद साहूकारा लाइन में दुकान चलाता है और 2007 से बिना किसी कानूनी अधिकार के प्रमाणपत्र जारी कर रहा था। पूछताछ में रईस ने स्वयं स्वीकार किया कि वह लंबे समय से यह कार्य कर रहा है।
रिकॉर्ड सत्यापन में यह भी सामने आया कि संस्था 2007 के बाद नवीनीकृत नहीं हुई है। संस्था के अध्यक्ष और महासचिव का निधन हो चुका है तथा संस्था पूर्णतः निष्क्रिय है। इसके बावजूद इसके नाम पर जारी फर्जी प्रमाणपत्रों का उपयोग कई लोग जाति, जन्म और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए करते रहे।
टीम ने सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। एसडीएम ने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर जारी जाति प्रमाणपत्रों की तत्काल जांच की जाए। साथ ही अवैध प्रमाणपत्र जारी करने वाले रईस अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को भी कहा गया है।
एसडीएम राहुल साह ने बताया कि सोसाइटी की रसीदों पर लिखे फोन नंबर पर संपर्क करने पर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की पुष्टि होती थी। ऐसे सभी अवैध प्रमाणपत्रों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वालों और उनका उपयोग करने वालों—दोनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
