भवाली: संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन में हिन्दू एकता, संस्कृति संरक्षण और धार्मिक जागरण को लेकर जोरदार स्वर सुनाई दिए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग उठाई और सनातन परंपरा को भारत की पहचान बताते हुए इसे मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे दयालु महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है और इसे सशक्त करना समय की मांग है। वहीं त्रिलोकी स्वरूप ने हिन्दुओं से शास्त्र ज्ञान के साथ आत्मरक्षा के लिए भी तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही।
वक्ताओं ने नई पीढ़ी को संस्कारयुक्त और धार्मिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। विभाग कार्यवाह रमेश कोहली ने समाज को लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसे मामलों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता बताई। प्रगति जैन ने भवाली में एक नाबालिग हिन्दू लड़की के साथ हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे समाज के लिए चेतावनी बताया।
कार्यक्रम में पूरे समय हिन्दू एकता के नारे गूंजते रहे और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सम्मेलन के संयोजक संजय वर्मा ने आयोजन की सफलता पर स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं और नगरवासियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन पवन भाकुनी ने किया।
समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को किया सम्मानित
सम्मेलन के दौरान सामाजिक, सैन्य और धार्मिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें सुबोध चंदोला, महेश कुमार वर्मा, नवीन चंद्र जोशी, कर्नल विजय द्विवेदी, मेजर राजेश ठूलगरिया, जीवन चंद्र जोशी, संत उद्धव शरण और कमल नाथ सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
