रुड़की (हरिद्वार): कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मात्र 72 घंटे में बच्चा चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन महीने के शिशु को सकुशल बरामद कर लिया।
घटना 11 अक्टूबर की है, जब अमरोहा निवासी जहीर अंसारी ने थाना कलियर में शिकायत दर्ज कराई कि रात के समय उनकी पत्नी के बगल में सो रहा उनका तीन महीने का बच्चा अज्ञात महिलाओं द्वारा चोरी कर लिया गया।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीमें गठित कीं और टेक्निकल व मैनुअल इनपुट्स के आधार पर जांच शुरू की। जांच का दायरा मेरठ तक पहुंचा, जहां से पूरे गिरोह की परतें खुलने लगीं।
पुलिस ने इस प्रकरण में आस मोहम्मद लंगड़ा, उसकी पत्नी शहनाज, सलमा, अंचन, नेहा शर्मा और अंतिम खरीदार विशाल गुप्ता को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि शादी के दस वर्ष बाद संतान न होने के कारण विशाल गुप्ता ने ₹4 लाख 90 हजार में बच्चे की खरीद-फरोख्त का सौदा किया था। गिरोह ने इस बच्चे को कई लोगों के बीच मुनाफ़ा कमाते हुए बेचा था।
पुलिस ने आरोपी के घर से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और एक लाख रुपये नकद भी जब्त किए। इसके अलावा, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से भेजी गई एक लाख रुपये की राशि को भी फ्रीज़ कर दिया गया है।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मामले के सफल खुलासे पर पुलिस टीम की सराहना की और नागरिकों से अपील की कि “अंजान व्यक्तियों पर भरोसा करने से पहले सोच-समझ लें, क्योंकि ऐसा भरोसा बड़े नुकसान का कारण बन सकता है।”
55 घंटे में बच्चे की सुरक्षित वापसी के बाद, माता-पिता की आंखों में राहत और खुशी के आंसू छलक पड़े।
