हरिद्वार : बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती की शोभायात्रा और भंडारे के बाद दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला फायरिंग तक पहुंच गया। एक पक्ष ने अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से आनंद (27) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित लोगों ने मुख्य आरोपित के घर में आग लगा दी, जिसमें दो बाइक समेत घर का सामान जल गया। इसके अलावा सात से दस घरों में तोड़फोड़ की गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को पीएसी बुलानी पड़ी।
बताया गया कि भंडारा खत्म होने के बाद आनंद, उसका भाई विशाल, योगेंद्र, गगनदीप और जोनी शौच के लिए जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष से कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में 30 से 35 लोग हथियारों के साथ पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से आनंद की मौत हो गई, जबकि विशाल, योगेंद्र और गगनदीप घायल हो गए। जोनी के साथ तमंचे की बट से मारपीट की गई।
सूचना पर भगवानपुर थाना प्रभारी सूर्यभूषण नेगी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को संभालने के लिए आसपास के थानों से भी फोर्स मंगाई गई। भीड़ ने करीब साढ़े चार घंटे तक शव उठाने नहीं दिया। जब पुलिस ने कुछ आरोपितों को हिरासत में लिया तो भीड़ ने पुलिस पर हमला करने का भी प्रयास किया।
इसी बीच देर शाम गांव के पास एक खेत से मांगेराम (50) का शव भी बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि दो पक्षों के संघर्ष के दौरान लाठी-डंडों से हुई मारपीट में उसकी मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एसपी देहात शेखर सुयाल ने बताया कि मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। पुरानी रंजिश के चलते विवाद होने की बात सामने आ रही है। मामले की जांच की जा रही है।
