देहरादून: आज रविवार को संसद में पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर उत्तराखंड के लोगों की बड़ी उम्मीदें हैं। आम जानता की निगाहेँ की भी खासी उम्मीदें लगाए हुए है। लोगों का कहना है जिस हिसाब से महगाई बढ़ती जा रही हैं, उसी हिसाब से कुछ ऐसा बजट आये जो आम जानता को राहत दें ।
नौकरी पेशा वर्ग आय की सीमा बढ़ाने और निवेश में अधिक छुट मिलने की उम्मीदें जता रहा हैं। वहीं व्यापारी, किसान , शिक्षक कामकाजी लोग, और ग्रहानियों को भी उम्मीदें लगाए हुए हैं।
लोगों का कहना हैं कि उत्तराखंड राज्य को बने 25 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी प्रदेश में बुन यादी सुविधाओं का गहरा आभाव हैं । राज्य का अलग गठन करने का मुख्य उद्धेश्य पहाड़ के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, देना था। लेकिन आज इन सभी के कारण हीं पहाड़ पलायन के नये रिकॉर्ड बना रहा हैं। कई क्षेत्रों में हाल यह है कि बुजुर्गो के आलावा कोई युवा या नवजावान नहीं रहा, बीते दिनों एक ऐसी तस्वीरे सामने आयी की एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं मिल सका ।
जहाँ एक तरफ पहाड़ों आजकल बड़ रहे जंगली जानवरों के हमले भी बढ़ते जा रहे हैं। वही दूसरी तरफ जंगली जानवरों ने खेती करना भी मुश्किल कर दिया है, लोगों के लिए अब पहाड़ी क्षेत्रो में खेती करना घाटे के सौदा बनती जा रही है।
जल जीवन मिशन जैसी योजनाओ के बावजूद भी कई गाँव में जल का संकट गहराता जा रहा है।
