नैनीताल: ग्रामीण मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से तथा बैंक ऑफ बड़ौदा प्रवर्तित बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (बड़ौदा आरसेटी) के तत्वावधान में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से 12 दिवसीय मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण शिविर आरंभ किया गया। इस शिविर का उद्घाटन ग्राम प्रधान बेलवाखान डा. बबीता मनराल ने गाजा पंचायती घर में किया।
कार्यक्रम के पहले दिन प्रशिक्षिका भावना जोशी ने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को मोमबत्ती निर्माण की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने जैल मोमबत्ती, शादी-ब्याह की सजावटी मोमबत्ती, पैराफिन वैक्स व सोया वैक्स से बनी विभिन्न प्रकार की मोमबत्तियों की जानकारी दी। भावना जोशी ने बताया कि मोमबत्ती उद्योग का बाजार बहुत बड़ा है और इसे महिलाएं कम लागत में घर बैठे बड़े स्तर पर स्वरोजगार के रूप में अपना सकती हैं। इस कार्य में बैंक ऑफ बड़ौदा महिलाओं को हर संभव मदद उपलब्ध कराता है।
इस अवसर पर बड़ौदा आरसेटी के निदेशक अतुल कुमार पांडे ने मोमबत्ती व्यवसाय को स्वरोजगार का माध्यम बनाने हेतु आवश्यक बैंकिंग प्रक्रियाओं और वित्तीय सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को स्वरोजगार हेतु मार्केटिंग और ऋण योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में बड़ौदा आरसेटी से जुड़े अतुल कुमार पांडे, सुरेश बिष्ट और हेमकृष्ण सिंह के अलावा स्थानीय सहयोगियों में लता सुयाल, गीता नेगी, भावना जोशी, राजेंद्र मनराल और योगेश बोरा उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर में 25 महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया।
उक्त कार्यक्रम का संचालन शकुंतला नेगी और हेमकृष्ण सिंह ने किया।
