मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
हल्द्वानी: : काठगोदाम में सीआरपीएफ द्वारा आयोजित पूर्व अर्द्ध सैनिक सम्मेलन में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे, जहाँ पूर्व अर्द्ध सैनिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सम्मेलन में वीर सैनिकों ने सैन्य कल्याण के लिए राज्य सरकार की नीतियों और सतत प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले योद्धा राष्ट्र के गौरव होते हैं।कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का मान बढ़ाने वाले इन वीरों को मेरा प्रणाम। जवान की जवानी का कोई मूल्य नहीं, आपने जो दिया है वह अद्वितीय है, उन्होंने कहा।
सीएम धामी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी निरंतर काम करते रहे। “आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने की नई संस्कृति आई है। लोग झूठे नारों को नहीं, बल्कि विकास को देख रहे हैं,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने रक्षा उत्पादन क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भारत छोटे–बड़े रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं, बल्कि दुनिया को रक्षा उत्पाद उपलब्ध कराने में सक्षम है।
अपने संबोधन के दौरान सीएम धामी ने उत्तराखंड में बदलती जनसांख्यिकी, अवैध कब्जों और सांस्कृतिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, जिन्होंने राज्य की शांति और संस्कृति को प्रभावित करने की कोशिश की। “10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई जा चुकी है। 500 से अधिक अवैध मजारें भी हटाई गई हैं,” उन्होंने कहा।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान ईमानदारी और सादगी है, और इस छवि को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
