उत्तरकाशी (उत्तराखंड): उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार देर रात यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास भीषण प्राकृतिक आपदा घटी। पालीगाड़–ओजरी डाबरकोट क्षेत्र में बादल फटने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान मजदूरों के टेंट भूस्खलन की चपेट में आ गए, जिसमें 9 मजदूर लापता हो गए थे। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने अब तक 2 मजदूरों के शव यमुना नदी किनारे तिलाड़ी शहीद स्मारक के पास से बरामद किए हैं।
लापता मजदूरों की खोज जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और NH बड़कोट की टीमें मौके पर रवाना हुईं। जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य के अनुसार, 19 मजदूरों में से 10 को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि 7 अब भी लापता हैं। इनमें से 5 नेपाली मूल, 3 देहरादून और 1 उत्तर प्रदेश से हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते सिलाई बैंड के पास यमुनोत्री हाईवे का लगभग 12 मीटर हिस्सा वॉशआउट हो गया है। ओजरी और डाबरकोट में सड़कें मलबे से पट गई हैं। स्याना चट्टी में त्रिखिली मोटर पुल खतरे में आ गया है, और कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हैं। कुथनौर क्षेत्र में भी किसानों की खेती को नुकसान पहुंचा है।
गंभीर हालात को देखते हुए गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा फिलहाल 24 घंटे के लिए स्थगित कर दी गई है। जानकीचट्टी, फूलचट्टी, राना चट्टी, और स्याना चट्टी जैसे क्षेत्रों में 1000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। सुरक्षा कारणों से पुलिस द्वारा इन्हें रोका गया है।
