हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार, 26 नवंबर को एक दिवसीय दौरे पर नैनीताल जिले के हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने एमबी इंटर कॉलेज मैदान में सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित सहकारिता मेला 2025 का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए महिला स्व-सहायता समूह, सहकारी समितियों और विभागीय स्टॉलों ने अपनी उत्पाद व सेवाएँ प्रदर्शित कीं। इस अवसर पर नैनीताल के सांसद अजय भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार हर जनपद में सहकारिता मेले का आयोजन कर रही है, ताकि महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सके। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सहकारिता मंत्रालय बनाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत उत्तराखंड से हुई थी। प्रदेश की 671 सहकारी समितियाँ अब डिजिटल रूप से कार्यरत हैं, जिससे किसानों को ऑनलाइन सुविधाएँ मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि 24 समितियों को जनऔषधि केंद्र के रूप में और 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। फरवरी 2023 से अब तक 800 नई टैक्स समितियाँ और मत्स्य समितियाँ बनाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को और अधिक मजबूत बनाने पर काम कर रही है। मंडुआ खरीद मूल्य 42.90 रुपये से बढ़ाकर 48.86 रुपये प्रति किलो किया गया है। दीनदयाल किसान कल्याण योजना के माध्यम से किसानों को पाँच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। सहकारी बैंकों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएँ आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं और आज प्रदेश में एक लाख से अधिक महिलाएँ “लखपति दीदी” के रूप में सामने आई हैं।
सीएम धामी ने बताया कि सहकारी बैंकों में जनता का विश्वास बढ़ा है और वर्तमान में प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमा पूंजी है। सहकारिता से जुड़े सभी क्षेत्रों में सरकार तेजी से सुधार और विस्तार कर रही है।
हल्द्वानी की डेमोग्राफी परिवर्तन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की संस्कृति, पहचान और जनसांख्यिकीय संतुलन को प्रभावित होने नहीं दिया जाएगा। सभी जिलों में दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों की व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। पिछले दस वर्षों में जिन मामलों में अनियमितताएँ सामने आएंगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम यात्रा पर उन्होंने बताया कि इस वर्ष 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एक रिकॉर्ड है। यात्रा को और सुगम बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी शीतकालीन यात्रा का आयोजन होगा और स्टेकहोल्डरों के साथ बैठक में सभी व्यवस्थाएँ तय की जाएंगी। साथ ही, गेस्ट हाउसों के किराए में भी कटौती की गई है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में इस समय सुहावना मौसम पर्यटकों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने देशभर के पर्यटकों से अपील की कि वे विंटर सीज़न में उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने अवश्य आएँ।

