देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और राज्य आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल दिवाकर भट्ट का निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हरिद्वार स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वे बीते दिनों देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे।
परिजनों के अनुसार, स्थिति गंभीर होने के बाद डॉक्टरों ने आगे उपचार करने में असमर्थता जताई, जिस पर उन्हें तीन घंटे पहले हरिद्वार लाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।
26 नवंबर को होगा अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार 26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे ललित भट्ट ने की है।
दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के सबसे आक्रामक, सक्रिय और लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते थे। आंदोलन में उनकी भूमिका के चलते उन्हें ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि मिली, जो उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रतीक बन गई।
किरन रावत कश्यप, यूकेडी की केंद्रीय मीडिया प्रभारी ने बताया कि दिवाकर भट्ट पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे और उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
चुनावी सफर
2002: देवप्रयाग से पहली बार चुनाव लड़े (हार)
2007: यूकेडी से विधायक बने
2012: चुनाव लड़ा (हार)
2017: निर्दलीय प्रत्याशी (हार)
2022: यूकेडी से चुनाव लड़ा (हार)
2007–2012 के दौरान भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले। यह यूकेडी द्वारा भाजपा को दिए गए समर्थन का परिणाम था।
बाद में वे यूकेडी की गुटबाजी के कारण भाजपा में शामिल हुए, लेकिन 2022 में दोबारा यूकेडी में लौट आए।
