देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार का नया रास्ता खुल गया है। अब उन्हें नौकरी पाने के लिए सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहना होगा। हरियाणा, दिल्ली, मणिपुर और पश्चिम बंगाल समेत कुल 15 राज्यों में उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के ज़रिए नियुक्तियां मिलेंगी।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि डायरेक्टोरेट जनरल रीसैटलमेंट (DGR) की मंजूरी मिलने के बाद उपनल को चार और राज्यों में भर्ती के अनुबंध मिल गए हैं।
उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि) ने कहा कि यह समझौते न सिर्फ पूर्व सैनिकों को नौकरी दिलाते हैं बल्कि इससे उपनल को 18% जीएसटी की आय भी होती है, जिससे संगठन वित्तीय रूप से मजबूत बन रहा है।
भविष्य की योजना में विदेशों में भी रोजगार के अवसर शामिल हैं। सैनिक कल्याण मंत्री के मुताबिक विदेश मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है। योजना के तहत विदेश भेजे जाने वाले कर्मियों में 50% पूर्व सैनिक और 50% नागरिक होंगे।
यह पहल उन हजारों पूर्व सैनिकों के लिए राहत साबित होगी जो रिटायरमेंट के बाद स्थायी और सम्मानजनक नौकरी की तलाश में रहते हैं। अब उन्हें अन्य राज्यों में भी सुरक्षित और सरकारी निगरानी में काम करने का अवसर मिलेगा।
