नैनीताल: वर्तमान वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग हर हाल में फरवरी माह तक किया जाए। किसी भी स्तर पर ढिलाई या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विकास भवन सभागार भीमताल में आयोजित जिला, राज्य, केंद्र एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के साथ 20 सूत्री कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक में दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि भौतिक प्रगति के साथ-साथ वित्तीय प्रगति भी दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेते हुए कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराएं। जनहित से जुड़े मामलों में फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी स्वयं निर्णय लें।
बैठक के दौरान जिन विभागों की प्रगति धीमी पाई गई और जिनके द्वारा अपेक्षा के अनुरूप धनराशि व्यय नहीं की गई, उनके अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया गया। जिलाधिकारी ने 15 दिन के भीतर स्पष्ट सुधार लाने के निर्देश दिए। जिला योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, समाज कल्याण और चिकित्सा विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष कम खर्च पर नाराजगी जताई गई।
राज्य योजना के तहत विधायक निधि में कम व्यय पर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी विधायकों से शीघ्र प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं। इसके लिए अर्धशासकीय पत्र भेजने के साथ व्यक्तिगत संपर्क भी करने को कहा गया। इसी तरह जल संस्थान, समाज कल्याण (अनुसूचित जाति कल्याण), पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा और जिला पंचायत की धीमी प्रगति पर भी कड़ी फटकार लगाई गई।
20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि 42 मदों में वर्तमान में 26 ए श्रेणी, 12 बी श्रेणी और 4 डी श्रेणी में हैं। बी और डी श्रेणी वाले विभागों को लक्ष्य पूरा कर ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और बायोगैस संयंत्र जैसे कार्यक्रमों में डी श्रेणी पर विशेष नाराजगी जताई गई।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले और पूर्ण होने के बाद जीपीएस युक्त फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी सत्यापन भी कराया जाएगा। साथ ही कार्यस्थल पर योजना का नाम, कुल लागत और संबंधित विभाग का शिलापट अनिवार्य रूप से लगाया जाए।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला योजना के तहत 7020.50 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई, जिसके सापेक्ष अब तक 4744.35 लाख रुपये यानी लगभग 68 प्रतिशत खर्च किया जा चुका है। राज्य योजना में 72 प्रतिशत, केंद्र पोषित योजनाओं में 93 प्रतिशत और बाह्य सहायतित योजनाओं में शत-प्रतिशत धनराशि का व्यय किया जा चुका है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, एपीडी चंदा फर्त्याल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
