हल्द्वानी: जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा बैठक शुक्रवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित हुई। डीएम ने कहा कि खनन न्यास निधि का उपयोग सर्वप्रथम खनन प्रभावित क्षेत्रों में कार्य कर रहे श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल-कूद और मनोरंजन के अवसर, महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण संबंधी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कार्य योजनाएं तैयार की जाएं।
डीएम रयाल ने स्पष्ट किया कि खनन न्यास निधि की धनराशि का उपयोग केवल खनन प्रभावित इलाकों में ही होगा। इन क्षेत्रों में पेयजल, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ स्वरोजगार बढ़ाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी परियोजनाएं तैयार की जाएं।
उन्होंने कहा कि क्रशर इकाइयों से उत्पन्न धूल प्रदूषण से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभाग मिलकर प्रभावी उपाय करें ताकि धूल की समस्या से राहत मिल सके।
बैठक में विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिकता वाले कार्यों को पहले चरण में लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क, सिंचाई, महिला एवं बाल कल्याण और वृद्ध जनों के हित से जुड़े प्रस्तावों को भी सम्मिलित किया जाए।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव तैयार करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श अवश्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी योजना में डुप्लीकेसी न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनामिका, अपर जिलाधिकारी विवेक रॉय, शैलेन्द्र नेगी, जिला खान अधिकारी ताजवर सिंह नेगी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
MORE…
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर बिखरी देवभूमि की झलक, एकता परेड में छाई उत्तराखंड की झांकी, पीएम मोदी ने की सराहना-
