सरोवर नगरी नैनीताल में शुक्रवार का दिन अप्रत्याशित गर्मी के साथ बीता। जनवरी के पहले सप्ताह में ही अप्रैल-मई जैसी गर्माहट ने हर किसी को हैरान कर दिया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हरियाली में कमी और आद्रता के घटने से यह बदलाव महसूस हुआ।
छांव की तलाश में लोग:-
जनवरी की सर्दियों में गर्मी का एहसास अप्रत्याशित था। हल्के बादलों के बावजूद दोपहर में धूप की तपन असहनीय हो गई, जिससे लोग गर्म कपड़े उतारने को मजबूर हो गए। धूप से बचने के लिए लोग छांव तलाशते नजर आए। शाम चार बजे तक गर्मी बनी रही, जिसके बाद हल्की ठंडक महसूस हुई।
पछुआ हवा का प्रभाव :-
एरीज (आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह का कहना है कि हरियाली में कमी और सूखे मौसम के कारण आद्रता में गिरावट आई, जिससे तापमान बढ़ा। तेज पछुआ हवा नमी को उड़ा ले गई, जिससे गर्मी का एहसास और बढ़ गया।
जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, नैनीताल का अधिकतम तापमान 23°C और न्यूनतम 11°C दर्ज किया गया। आद्रता केवल 43% रही, जो सामान्यतः 70% के आसपास होती है
