हल्द्वानी: कोटाबाग क्षेत्र से शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई, जब वन दरोगा पूरन चंद्र आर्या अपने सरकारी आवास में बेसुध अवस्था में पाए गए। उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, पूरन चंद्र आर्या मूल रूप से पंतनगर (शांतिपुरी नंबर-3, ऊधमसिंह नगर) के निवासी थे और वर्तमान में कोटाबाग वन विभाग में तैनात थे। बताया गया कि गुरुवार रात उन्होंने सामान्य रूप से भोजन किया और अपने कमरे में सोने चले गए थे।
सुबह जब सहकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक कमरे से बाहर न आते देखा, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने दरवाजा खोला, जहाँ आर्या बेहोश पड़े मिले। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वन दरोगा पूरन चंद्र आर्या अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। कोमवाल अमरचंद शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटना से विभाग में शोक की लहर है।
