नैनीताल : भीमताल क्षेत्र में लंबे समय से लोगों में डर का माहौल पैदा करने वाला गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद कर लिया गया है। गुलदार की लगातार मौजूदगी और हमलों के बाद हालात ऐसे हो गए थे कि कई गांवों में लोग दिन के उजाले में भी अकेले बाहर निकलने से कतरा रहे थे। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में डर साफ देखा जा रहा था।
वन विभाग की टीम ने चमौली टोक क्षेत्र में गुलदार को पिंजरे में फंसाया है। आशंका जताई जा रही है कि यही वही गुलदार हो सकता है, जिसने हाल ही में एक महिला पर हमला किया था। हालांकि विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि गुलदार की असली पहचान डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
गुलदार के पिंजरे में फंसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी जरूरी सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे रेस्क्यू कर क्वारबानी बाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया। वहां गुलदार की निगरानी की जा रही है और आगे की जांच की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा ने वन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विधायक खुद भी गुलदार और बाघ से प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और विभागीय टीमों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
विधायक कैड़ा ने ओखलकांडा, धारी, रामगढ़ और भीमताल क्षेत्र की महिलाओं और माताओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग जंगल की ओर अकेले न जाएं, किसी भी काम से बाहर निकलें तो समूह में जाएं और बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से बचें।
गुलदार पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने कुछ राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वन विभाग का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक गश्त और निगरानी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से लोगों को बचाया जा सके।
