देहरादून/ नैनीताल : उत्तराखंड में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। नैनीताल जिले में बीती रात से हीं मूसलाधार बारिश हो रही है, सभी नदी नाले उफान पर है । बारिश से जन जीवन काफी अस्त व्यस्त हो चुका है ऐसे में सावधानी बरते और सावधान रहे.
वही मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, चंपावत और पौड़ी समेत नौ जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सोमवार, 1 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पिथौरागढ़, उधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, चंपावत और पौड़ी जनपदों के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी रहेगी।
बारिश से जनजीवन प्रभावित
देहरादून में लगातार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं। मुख्य मार्गों के साथ गलियों में भी जलभराव होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई घरों में पानी घुस गया है और गड्ढों से भरी सड़कें हादसों का कारण बन रही हैं।
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में यमुना का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। कुपड़ागाड से आया भारी मलबा नदी के प्रवाह को रोक रहा है, जिससे यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला पुल खतरे की जद में आ गया है। वहीं, गोपेश्वर के पास तमक नाले में बाढ़ का पानी पुल बहा ले गया। इससे नीति, मलारी, बंपा और कैलाशपुर समेत 12 से अधिक गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सतर्क रहने की अपील की है।
