उत्तराखंड हाईकोर्ट(नैनीताल हाईकोर्ट)
नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मतपत्र छेड़छाड़ के आरोप को लेकर कांग्रेस सदस्य पूनम बिष्ट की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आरोप है कि एक मतपत्र में ओवरराइटिंग कर 1 को 2 बना दिया गया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाई गई। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने आदेश दिया कि 21 अगस्त सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल में CCTV फुटेज और वीडियोग्राफी देखी जाएगी। इसके लिए डीएम वंदना सिंह को व्यवस्था करने और एसपी सिटी को भीड़ रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
फुटेज देखने के लिए दोनों पक्षों के तीन-तीन अधिवक्ता, चुनाव आयोग का वकील और अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशी शामिल होंगे। कुल 9 लोग ही मौजूद रहेंगे।
अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी दीपा दर्मवाल को 11 और कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी को 10 मत मिले थे। एक वोट निरस्त हुआ, जिस पर छेड़छाड़ का आरोप है। उपाध्यक्ष पद पर बराबर वोट पड़े थे, जिसके बाद लॉटरी से कांग्रेस प्रत्याशी देवकी बिष्ट विजयी घोषित हुईं।
मामले में कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवी देवदत्त कामथ, डी.एस. पाटनी और अवतार सिंह रावत ने पक्ष रखा, जबकि सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल और चुनाव आयोग की ओर से संजय भट्ट ने दलीलें दीं। अब मामले की सुनवाई 21 अगस्त को भी जारी रहेगी।
