नैनीताल: जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच अपराधियों को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। ललित मोहन रयाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित व्यक्तियों का छह माह तक जनपद नैनीताल की सीमा में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने यह कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की है।
थाना मुखानी क्षेत्र के तपन दास के खिलाफ आईपीसी के तीन और आयुध अधिनियम का एक मुकदमा दर्ज है। कालाढूंगी क्षेत्र के गुलजारपुर चकलुवा निवासी राकेश कुमार पर एनडीपीएस एक्ट के चार प्रकरण दर्ज हैं। रामनगर थाना क्षेत्र के शिवलालपुर निवासी योगेश सागर पर आबकारी अधिनियम, आईपीसी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत विभिन्न मामले दर्ज हैं। लालकुआं क्षेत्र के कृपाल सिंह उर्फ सोनू तथा धौला बाजपुर क्षेत्र के विजय कुमार आर्य पर आबकारी अधिनियम के पांच-पांच मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
इन सभी को गुंडा घोषित करते हुए छह माह के लिए जनपद से निष्कासित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
एक अन्य प्रकरण में कालाढूंगी क्षेत्र के परमपुर धमोला निवासी बहादुर सिंह बिष्ट द्वारा एक रिसोर्ट में तैनात गार्ड और स्टाफ के साथ अभद्रता तथा गेट पर हवाई फायरिंग करने की घटना को गंभीरता से लिया गया। शस्त्र अनुज्ञप्ति की शर्तों और आयुध अधिनियम के उल्लंघन को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
