हल्द्वानी: शहर में व्लॉगर विवाद के बीच ज्योति अधिकारी और उनके पति समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ काठगोदाम कोतवाली में दंगा भड़काने की साजिश सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपियों में ज्योति का मुंहबोला भाई भी शामिल है। सभी आरोपियों को जल्द ही कोतवाली बुलाकर बयान दर्ज किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में ज्योति अधिकारी के खिलाफ यह आठवां मुकदमा दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार जोशी कॉलोनी, छोटी मुखानी निवासी व्लॉगर सुनीता भट्ट ने गुरुवार को काठगोदाम कोतवाली में तहरीर देकर मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि नैनीताल रोड स्थित चौपाटी बाजार के पास वुडपेकर क्षेत्र में उनका छोटा सा कारोबार है। आरोप है कि बुधवार शाम ज्योति अधिकारी अपने पति गोपाल अधिकारी, कमल जोशी और अन्य लोगों के साथ उनकी दुकान के पास पहुंचीं।
शिकायत के मुताबिक सभी ने मिलकर पहले उनके साथ मारपीट की और फिर दुकान में तोड़फोड़ कर अभद्रता की। आरोप यह भी है कि ज्योति और उनके साथ आए लोगों ने गुंडागर्दी करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सुनीता भट्ट ने बताया कि उनकी सात साल की बेटी को भी उठाने की धमकी दी गई।
मामले में विमल मिश्रा ने बताया कि ज्योति अधिकारी, गोपाल अधिकारी और कमल जोशी समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(2), 324(4) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार ज्योति अधिकारी के खिलाफ यह आठवां मुकदमा है। इससे पहले कुमाऊं क्षेत्र के विभिन्न थानों में पहाड़ की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी और देवी-देवताओं पर विवादित बयान देने के आरोप में भी उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
बताया जा रहा है कि पहले दर्ज मामलों में वह सात दिनों तक हल्द्वानी जेल में भी रह चुकी हैं। वहीं हाल ही में सुनीता भट्ट से विवाद के बाद जब गुरुवार को उन्हें काठगोदाम कोतवाली से छोड़ा गया, तो बाहर निकलते समय उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
