देहरादून: उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार तड़के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने अफरातफरी मचा दी। तेज़ बारिश के साथ आए मलबे ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और सड़कें बाधित हो गईं।
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा क्षेत्र में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि इस आपदा में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, लगभग 15 से 20 मवेशी मलबे में दब गए, जिससे पशुपालकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक इलाके में भी बादल फटने से कई घरों में मलबा घुस गया। राहत दल के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने खुद ही फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया।
आपदा की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संसाधनों का उपयोग कर लापता लोगों की तलाश और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
इस आपदा ने मोपाटा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

