देहरादून: काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने जांच को लेकर बड़ा कदम उठाया है। इस प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
इसके साथ ही मामले में पहले से निलंबित आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को कुमाऊं रेंज से गढ़वाल रेंज स्थानांतरित कर दिया गया है। इनके अलावा पौगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों का भी तत्काल प्रभाव से गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर किया गया है। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड ने इस संबंध में प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार गठित एसआईटी में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर वंदना वर्मा, निरीक्षक दिवान सिंह बिष्ट और उपनिरीक्षक मनीष खत्री को शामिल किया गया है। एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी।
गौरतलब है कि उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नैनीताल जिले के काठगोदाम क्षेत्र में घूमने आए थे और एक होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान पत्नी और बेटा होटल से बाहर गए हुए थे, तभी सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने अपने साथ करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी होने का आरोप लगाया था।
वीडियो में सुखवंत सिंह ने कहा था कि उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन मदद मिलने के बजाय उन्हें धमकाया गया। मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। वीडियो में उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के नाम भी लिए थे।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पहले चरण में आईटीआई थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया, जबकि पौगा चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। अब इन सभी 12 पुलिसकर्मियों को गढ़वाल रेंज में तैनात कर दिया गया है।
इस मामले में सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर कुल 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परविंदर सिंह का आरोप है कि जमीन खरीद के नाम पर उनके भाई के साथ करोड़ों रुपये की ठगी की गई, जिससे वह लगातार तनाव में थे।
फिलहाल एसआईटी गठन के बाद पूरे मामले की जांच तेज हो गई है और सभी की निगाहें अब इस जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।


